कब्ज कैसे दूर करे - कब्ज दूर करने के उपाय, दवा और इलाज


अगर आपको स्वस्थ और तंदूरस्त रहना है तो ये बिलकुल जरूरी है की आपका पेट साफ रहे। आज की तारीख मे दुनिया की सबड़े बड़ी बीमारियों मे कब्ज को एक माना जाता है। अगर आप कब्ज से परेशान है तो इस पोस्ट को अंत तक पढे, इस पोस्ट मे हम कब्ज के लक्षण क्या है, कब्ज को कैसे हमेशा के लिए दूर करे और पुरानी कब्ज के आयुर्वेदिक और रामबाण इलाज क्या है इसके बारे मे आपको विस्तार से बताएँगे। 

हमारे शरीर मे होने वाले अधिकतर रोग पेट की खराबी के कारण होते है, यदि आप अपने पेट को ठीक रखे तो आपका शरीर दूसरे रोगो को प्रवेश करने की अनुमति नहीं देता है। पेट के रोगों के लिए सबसे ज्यादा अगर कोई जिम्मेदार होता है तो वो कब्ज है। अगर ऐसा कहा जाए की कब्ज की सब रोगो का मूल कारण है तो ये गलत नहीं होगा। 

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कब्ज कैसे दूर करे - कब्ज दूर करने के उपाय, दवा और इलाज 




हम सभी स्वस्थ और प्रसन्न रहेना चाहते है, कोई भी कब्ज का शिकार नहीं होना चाहता। पर कब्ज हो जाता है। तो चलिये जानते है की कब्ज क्या है और कब्ज क्यूँ होता है। 

कब्ज क्या है


कब्ज ( Constipation ) शरीर के पाचन तंत्र की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें किसी व्यक्ति (या जानवर) का मल बहुत कड़ा हो जाता है और मलत्याग में कठिनाई होती है। 

कब्ज अमाशय की स्वाभाविक परिवर्तन की वह अवस्था है, जिसमें मल निष्कासन की मात्रा कम हो जाती है, मल कड़ा हो जाता है, उसकी आवृति घट जाती है या मल निष्कासन के समय अत्यधिक बल का प्रयोग करना पड़ता है।

सामान्य आवृति और अमाशय की गति व्यक्ति विशेष पर निर्भर करती है। एक सप्ताह में 7 से 12 बार मल निष्कासन की प्रक्रिया सामान्य मानी जाती है।

पेट में शुष्क मल का जमा होना ही कब्ज है। यदि कब्ज का शीघ्र ही उपचार नहीं किया जाये तो शरीर में अनेक विकार उत्पन्न हो जाते हैं। कब्जियत का मतलब ही प्रतिदिन पेट साफ न होने से है। 

एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में दो बार यानी सुबह और शाम को तो मल त्याग के लिये जाना ही चाहिये। दो बार नहीं तो कम से कम एक बार तो जाना आवश्यक है। नित्य कम से कम सुबह मल त्याग न कर पाना अस्वस्थता की निशानी है।

कब्ज की शिकायत होने के कारण 


कब्ज होने के बहोत सारे कारण है, उन मे से मुख्य कारण कुछ इस तरह के होते है, 

1. शरीर में पानी का कम होना

2. कम रेशायुक्त भोजन का सेवन करना ; भोजन में फायबर (Fibers) का अभाव।

3. अल्पभोजन ग्रहण करना।

4. कम चलना या काम करना ; किसी तरह की शारीरिक मेहनत न करना; आलस्य करना; शारीरिक काम के बजाय दिमागी काम ज्यादा करना।

5. कुछ खास दवाओं का सेवन करना

6. ज्यादा उपवास करना।

7. भोजन करते वक्त ध्यान भोजन को चबाने पर न होकर कहीं और होना।

8. सही समय पर भोजन न करना। इत्यादि..

ये कब्ज होने के सामान्य कारण है, अब जानते है की कब्ज होने के लक्षण क्या है। 

कब्ज के लक्षण


अगर आपको कब्ज है तो आपको अपने शरीर मे नीचे दिये गए लक्षणो से पता चल जाएगा। 

1. पेट में लगातार परिपूर्णता

2. सासों की बदबू

3. भूख में कमी

4. सरदर्द

5. चक्कर आना

6. जी मिचलाना

अब बात करते है कब्ज को कैसे दूर करे। 

कब्ज कैसे दूर करे 


अगर आप कब्ज को हमेशा के लिए दूर करना चाहते है तो आपको अपनी जीवन शैली मे बहोत सारे बदलाव लाने बहोत जरूरी है। सबसे पहले तो आपको अपनी खाने पीने की आदतों मे बहोत बदलाव करना होगा। 

अगर आप कब्ज से तुरंत छुटकारा पाना चाहते है तो नीचे दिये गए कुछ टिप्स आपकी मदद करेंगे। 

1. कब्ज होने पर शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए, इसीलिए जितने हो सके उतने तरल पदार्थ पिएं। इससे कब्ज में राहत मिलेगी और अगर आपको कब्ज नहीं है, लेकिन कभी-कभी हो जाती है, तो उसमें भी आराम मिलेगा। कब्ज में बाकि तरल पदार्थों की बजाय ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है। पानी पीने से आपका मल सख्त नहीं होगा और आसानी से बाहर निकल पाएगा।

2. कब्ज से पीड़ित लोगों को गर्म तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि खासकर सुबह के समय गर्म तरल पदार्थ पीने से आपको मल आसानी से आता है। 

3. कब्ज से पीड़ित लोगों को पर्याप्त मात्रा में फाइबर लेना चाहिए। अगर आपको कब्ज है, तो ऐसी चीजें खाएं जो पचाने में आसान हों और फाइबर से समृद्ध हों, जैसे केले, किवी, पालक आदि। हो सके तो ताजा फल, सब्जियां और साबुज अनाज खाएं। आप चाहें तो बाजार में मिलने वाले फाइबर के सप्लीमेंटस भी ले सकते हैं।

4. कब्ज के लिए रोजाना एक्सरसाइज करना अच्छा होता है, क्योंकि इससे आपकी आंतों की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और मल भी आसानी से निकल पाता है। व्यायाम करने के लिए रोजाना जिम जाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन सैर और जॉगिंग करने से पेट और आंतों की मासंपेशियां सक्रिय रहती हैं। शुरुआत में हल्की एक्सरसाइज करें और धीरे-धीरे अपना नियम बढ़ाएं।

5. मल करते समय इस तरीके से बैठें कि आपके घुटने आपके कूल्हों के स्तर से ऊपर हों। अगर आप वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं, तो कोशिश करें कि अपने पैरों के नीचे एक स्टूल या कोई और चीज रख लें, ताकि आपके घुटने कूल्हों के स्तर से ऊपर हों।

ऊपर दिये गए उपायों से आपको कब्ज से तात्कालिक राहत मिलेगी। अब बात करते है है कब्ज को हेमेशा के लिए ठीक कैसे कर सकते है। 

कब्ज दूर करने के उपाय 


अगर आप कब्ज को हमेशा के लिए दूर करना चाहते है तो इन उपायों का इस्तेमाल करे। 

1. अपनी प्रतिदिन की डाइट में दही को शामिल करें

दही में जीवित बैक्टीरिया संवर्धन या प्रोबायोटिक होते हैं जो आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाये रखने और सुचारू रूप से काम करने के लिए एक सही वातावरण का निर्माण करते हैं | अपने प्रतिदिन के भोजन में एक कप दही को शामिल करने की कोशिश करें

2. रेचक या लक्सेटिव के आदी बनने से बचें

रेचकों का अधिक प्रयोग करने से विशेषरूप से उत्तेजक रेचक के कारण आपका शरीर उन पर निर्भर हो जाता है | इसलिए प्रतिदिन रेचक का उपयोग न करें | अगर आपको चिरकारी कब्ज़ हो तो डॉक्टर से वैकल्पिक चिकित्सा के लिए सलाह लें |

3. अधिक व्यायाम करें

व्यायाम की कमी से आपकी आंते कमज़ोर हो सकती हैं जिससे नियमित रूप से निकलने वाला मल कठोर हो जाता है | आरामदायक जीवनशैली आपके पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती है और कब्ज़ उत्पन्न कर सकती है प्रतिसप्ताह कम से कम 3 से 4 बार मध्यम व्यायाम करें। 

4. प्रोसेस्ड फूड्स से बचें

प्रोसेस्ड और फ़ास्ट फूड्स चिरकारी कब्ज़ में सहायक होते हैं | इन भोज्य पदार्थों में अधिकतर वसा की मात्रा अधिक और फाइबर कम होते हैं और पये पोषण प्रदान नहीं करते |

5. अपने शरीर की लय की अनदेखी न करें

जब आपका शरीर मल त्याग के लिए तैयार होगा तब आपको संकेत देगा |[४१] मल त्याग की प्रव्रत्ति के लिए मानी कई प्रकार की बाते हैं | कई लोग औसतन 1 से 2 बार तक प्रतिदिन मल त्याग के लिए जाते हैं लेकिन अन्य लोग सप्ताह में सिर्फ 3 बार मलत्याग के लिए जाते हैं | जब तक आपके शरीर में कोई परेशानी न हो अधिकतर तब तक मलत्याग के लिए कितनी बार जाते हैं उसकी चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है

कब्ज का घरेलू उपाय


अब हम कुछ कुब्ज को मिटाने के लिए home remedies यानि घरेलू नुस्खे क्या है है वो जानते है। 

1. नींबू 

नींबू या विशेष रूप से नींबू का रस, कब्ज का इलाज कर सकता है और यह पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है। यह सबसे आसान और प्रभावी उपचारों में से एक है जिसे आप घर पर कर सकते हैं।

आधे नींबू के रस को निकालकर एक गिलास गर्म पानी में मिलाएँ। आप एक चुटकी सेंधा नमक या आधा चम्मच सादे नमक के साथ तोड़ा शहद भी मिला सकते हैं।
सुबह खाली पेट नींबू का पानी पिएं। आप शाम में भी इसका एक गिलास पी सकते हैं।
दैनिक रूप से इस उपाय को करें और कुछ ही दिनों के भीतर परिणाम की उम्मीद रखें।

2. शीरा (गुड़)

शीरा (गुड़) सबसे अच्छी प्राकृतिक रेचक औषधि है जो आपकी अंतड़ियाँ की गति को बढ़ाता है।

बिस्तर पर जाने से पहले शीरे की एक छोटी चम्मच खाएं। अगर आपको स्वाद पसंद नहीं है, तो आप इसे दूध या फलों के रस के साथ मिश्रित कर सकते हैं। यदि समस्या बनी रहती है, तो इसके एक या दो बड़े चम्मच खुराक के रूप में लें।

3. पालक 

पालक पाचन तंत्र के लिए बहुत अच्छा है, खासकर जब आप कब्ज से पीड़ित हों। कच्चे पालक में विभिन्न घटक होते हैं जो पूरे आंत्र पथ को साफ करने, फिर से संगठित करने और पुनर्जीवित करने में मदद करता है। 

कब्ज से छुटकारा पाने के लिए, आपको अपने आहार में पालक को शामिल करना चाहिए। आप इसको कच्चा या पका कर खा सकते हैं यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है।

यदि आपको गंभीर कब्ज है, तो आधा गिलास कच्चे पालक का रस और आधे गिलास पानी को एक साथ मिलाएँ और दिन में दो बार पिएं। कुछ ही दिनों के भीतर आपको बहुत राहत मिल जाएगी।

4. अंगूर 

अंगूर में अघुलनशील फाइबर होते हैं जो कि नियमित रूप से मल त्याग में मदद करते हैं।

दैनिक रूप से एक ताज़ा छोटी कटोरी अंगूर या आधा गिलास अंगूर का रस लें।

एक अन्य विकल्प है, दूध में 10 से 12 सूखे बीजरहित अंगूर डालकर, कुछ मिनट के लिए उबालें और शाम में इसे पी जाएं। यह उपाय ख़ास तार से युवा बच्चों के लिए उपयोगी है जिनको कब्ज है और यह भविष्य में कब्ज के प्रकरणों को रोकने में भी मदद करता है।

अगर ताज़ा अंगूर उपलब्ध नहीं हैं, तो एक या दो दिन तक पानी में भीगे हुए किशमिश खाएँ।

5. शहद 

शहद कब्ज से राहत देने में बेहद फायदेमंद है क्योंकि यह एक हल्के रेचक के रूप में कार्य करता है। आप इसे कब्ज को अच्छी तरह रोकने और ठीक करने के लिए दैनिक रूप से उपयोग कर सकते हैं।

शहद के दो चम्मच दिन में तीन बार लें।

आप एक गिलास गर्म पानी में एक छोटा चम्मच शहद और नींबू का रस मिला लें। इसे हर सुबह खाली पेट पिएं।

कब्ज का उपचार 


कब्‍ज एक ऐसी समस्‍या है जिससे ज्‍यादातर लोग परेशान रहते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इस प्रकार की समस्‍या वात, पित्‍त और कफ के बिगड़ने से होती है। जब भी कब्‍ज की समस्‍या होती है तो इसका सीधा असर मल पर पड़ता है। कब्‍ज की वजह से सुबह-सुबह ठीक तरह से मल का निष्‍कासन नहीं हो पाता है। यह आमतौर पर खराब जीवनशैली की वजह से होता है। खानपान में फाइबर की कमी और कम पानी पीने की वजह और एक्‍सरसाइज न करने और ज्‍यादा मीट का सेवन करने से ये समस्‍या ज्‍यादा देखने को मिलती है। कब्‍ज के कारण तमाम तरह की बीमारियां पैदा होती है।

कब्ज का इलाज कैसे करे 


कब्ज यानी कॉन्स्टिपेशन की शिकायत होने पर अक्सर लोग दवाएं लेते हैं, जिसका कई बार शरीर पर गलत असर देखने को मिलता है। अगर कब्ज के कारण सुबह पेट साफ नहीं होता है तो रात को ये उपाय करने चाहिए.

- दूध में 2-3 अंजीर उबाल लें। गुनगुना दूध पिएं और अंजीर खा लें। 
- भिगोई हुई अलसी का पानी पिएं और अलसी चबाकर खाएं। 
- मिट्टी के बर्तन में त्रिफला पाउडर भिगो दें और इसका पानी छानकर पिएं। 
- थोड़ी सी किशमिश या मुनक्का पानी में भिगो दें। यह पानी पी लें और किशमिश/मुनक्का खाएं। 
- एक चम्मच ईसबगोल की भूसी दूध में या पानी में मिलाकर पिएं। 
- एक गिलास गुनगुने पानी में 2 चम्मच ऐलोवेरा जेल घोलकर पी लें। 
- एक गिलास दूध में एक चम्मच कैस्टर ऑइल मिलाकर पी लें। 

कब्ज का रामबाण इलाज 


राजीव दीक्षित द्वारा सुजाया गया कब्ज के रामबाण इलाज कुछ ईस तरह है। इनसे बहोत सारे लोगों को लाभ हुआ है आप इनका फायदा उठा सकते है। 

1. बेल पाउडर एक-एक चम्मच सुबह शाम खाने के बाद खाएं |
2. रात में चुकंदर (बीट) की सब्जी खाएं |
3. रात में दूध में 8-10 मुनक्का डालकर उबालें और बीज निकाल कर खा लें |
4. सुबह उठकर दो ग्लास तांबे के बर्तन में रखा पानी पियें ।
5. रात में अजवाईन (आधी चम्मच) गुड के साथ खायें और ऊपर से गुनगुना दूध पी लें ।  
6. त्रिफला चूर्ण एक चम्मच रात में गुनगुने पानी के साथ सोने से पहले लें । 
7. दही के ऊपर का तैरता हुआ पानी सुबह पियें । 

कब्ज का आयुर्वेदिक इलाज 


कब्ज के लिए प्रभावी प्राकृतिक उपचार तो मौजूद है ही साथ ही आयुर्वेदिक उपचार के माध्य‍म से भी कब्ज को दूर किया जा सकता है। आइए जानें कब्ज के लिए कौन-कौन से आयुर्वेदिक उपचार मौजूद हैं।

1. 100 ग्राम आंवला, 100 ग्राम बहेड़ा, 100 ग्राम बड़ी हरड़ व 100 ग्राम छोटी हरड़ ले और इन सब को पीस कर चूरन बना ले। जब भी कब्ज की परेशानी हो इस चूरन का सेवन करे पेट ठीक से साफ होगा।

2. अरंडी का तेल 1 चम्मच ले और 1 गिलास गुनगुने दूध में मिलाकर पिए। कुछ दिनों तक ये करने से कब्ज ठीक होने लगती है।

3. बाबा रामदेव के अनुसार पेट साफ करने के आसन और उपाय के साथ अगर अपने खाने पिने की आदतों में भी सुधार लाये तो कब्ज से बचने और इसके ट्रीटमेंट में काफी फायदा मिलेगा।

4. सोने से पहले रात को तांबे के बर्तन में पानी रखे और अगली सुबह खाली पेट इसे पिए फिर सुबह की सैर के लिए जाये। सैर से लौटने के बाद मल त्याग के लिए जाये आपका पेट पूरी तरह साफ़ होगा।

5. कब्ज ठीक करने के लिए आहार में हरी सब्जियां और चोकर वाले आटे से बनी रोटी का सेवन अधिक करना चाहिए।

पुरानी कब्ज का इलाज 


1. तांबे की बर्तन में पानी भरकर उसमें 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण डालकर रातभर रखें। सुबह बिना कुछ खाए पिए इस पानी को छानकर पीना चाहिए। इस प्रयोग को नियमित करने से पुरानी से पुरानी कब्ज का इलाज भी हो जाता है।

2. बादाम का तेल भी कब्ज़ की समस्या में लाभ पहुंचाता है। इससे आंतों की कार्य क्षमता बढ़ती है। रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में 1 चम्मच बादाम का तेल डालकर पीना चाहिए। 15 दिन लगातार इस उपाय को करने से पुरानी कब्ज़ भी ठीक हो जाती है।

3. कम पानी पीने से कब्ज़ की समस्या हो सकती है। इस समस्या में मल आंतों में सूख जाता है, और मल त्याग करने के लिए ज़ोर लगाना पड़ता है। कब्ज़ के रोगियों को चाहिए कि वो अधिक से अधिक पानी पिएं। 4 लीटर पानी एक दिन में पीने की आदत डालें। खाना खाते समय पानी न पिएं और इसकी बजाय आप खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी पी सकते हैं।

4. कब्ज की शिक़ायत हो तो आपको पपीते और अमरुद का सेवन ज़रूर करना चाहिए।

5. एक कप हल्के गरम पानी में 1 नींबू निचोड़कर पीने से आंतों में जमा हुआ मल बाहर निकालने में मदद करता है।

गैस कब्ज का इलाज 


अगर कब्ज से दूर रहना है, तो छोटी मोटी शारीरिक परेशानियों में फौरन दवा खाने की आदत से बचें। मतलब यह है कि कम से दवाइयां खाएं।

खानपान का ध्यान रखें। हरी और रेशेदार सब्जियां और लिक्विड मसलन, दूध, फलों का रस, शिकंजी आदि का सेवन करें।

रेग्युलर एक्सर्साइज करें। अगर वजन सही अनुपात में है और बॉडी फिट है, तो कब्ज की आशंका कम ही रहती है।

कब्ज की दवाओं के सहारे पेट साफ करने की आदत सही नहीं है। लंबे समय तक इन दवाओं को खाने से अंतडि़यों में सूजन आ जाती है। इन दवाओं की आदत भी पड़ जाती है।

दूध-दही या पानी के साथ रात के समय ईसबगोल की भूसी दो चम्मच लें।

अगर ऊपर बताए उपाय करने पर भी कब्ज से आराम नहीं मिल रहा है, तो कुछ दिनों के लिए लेक्टोलॉज 15 एमएम की गोली ले सकते हैं।

कब्ज की दवा 


कब्ज में छोटी मात्रा में कड़ी और शुष्क आंत्र आंदोलनों का मार्ग होता है. यह एक सप्ताह के दौरान आमतौर पर दर तीन गुना कम होती है. आंत्र आंदोलन मुश्किल हो जाता है और कब्ज वाले लोगों में दर्द होता है. प्रभावित व्यक्ति असहज, सुस्त और फुलाया महसूस कर सकता है. होम्योपैथिक दवाओं का व्यापक रूप से कब्ज का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है. यह पूरी तरह से प्राकृतिक हैं, वह किसी भी रसायन के उपयोग के बिना प्रभावी उपचार प्रदान करते हैं.

कब्ज के उपचार के लिए उपयोग किए जाने वाले सामान्य आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाओं की एक सूची यहां दी गई है:

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा 


पेट की गैस, अफारा के उपचार के लिए उपलब्ध पतंजलि की दवा

1. दिव्य अभयारिष्ट – 450

4 चम्मच औषध में 4 चम्मच गुनगुना पानी मिलाकर प्रात: एवं सायं भोजन के बाद सेवन करें।

2. दिव्य उदरकल्प या दिव्य चूर्ण – 100 ग्राम

1 चम्मच चूर्ण को रात्रि में सोने से पूर्व गुनगुने जल के साथ सेवन करें।

3. दिव्य चित्रकादि वटी – 40 ग्राम

4. दिव्य आरोग्यवर्धिनी वटी – 4O ग्राम

2-2 गोली दिन में दो बार प्रात: नाश्ते एवं सायं-भोजन के बाद प्रयोग करें। नोट-मधुमेह के रोगी उदरकल्प चूर्ण का प्रयोग न करें। दिव्य चूर्ण, दिव्य हरीतकी चूर्ण या दिव्य त्रिफला चूर्ण का प्रयोग वे कर सकते हैं। कब्ज होने के कारण जानने के लिए पढ़ें यह लेख – कब्ज: कारण लक्षण और मिटाने के सरल उपचार |

कब्ज की होम्योपैथिक दवा 


कब्ज के उपचार के लिए होम्योपैथिक दवाएं बहुत प्रभावी हैं. अंतर्निहित कारणों और लक्षण दोनों का इलाज किया जाता है. होम्योपैथी का उपयोग करके कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. यदि आप किसी विशिष्ट समस्या के बारे में चर्चा करना चाहते हैं, तो आप होम्योपैथ से परामर्श ले सकते हैं.

1. सिलिसिया 

सिलिसिया उन मामलों में प्रयोग किया जाता है, जहां कब्ज को संकुचित गुदा स्फिंकर के साथ होता है. मल गुदा स्पिन्टरर के स्पस्मोस्मिक कसना के कारण गुदा से वापस आती है और लंबे समय तक गुदा में बनी हुई है. बाधित फ्लैटस की उपस्थिति है, पेट बहुत तंग, कठोर या सूजन महसूस करता है. सिलिकिया उन महिलाओं के लिए उपयोगी है, जिनके मासिक धर्म चरणों के दौरान कब्ज होता है.

2. ओपियम

इस होम्योपैथिक दवा का उपयोग तब किया जाता है, जब मल को कब्ज की भावना के साथ गोल, हार्ड गेंदों के रूप में पारित किया जाता है. मल भेड़ के गोबर की काले गेंदों की तरह प्रतीत होता है. मल लंबे समय तक आंत में इकट्ठा होती है. पेट कठिन हो जाता है और फुलाया जाता है. ओपियम एनीमा दुरुपयोग के कारण होने वाली कब्ज का भी इलाज करता है.

3. ब्रायनिया अल्बा

होम्योपैथी का यह रूप कब्ज के मामलों में प्रयोग किया जाता है. जहां मल बहुत कठिन, सूखी और बहुत बड़ी होती है. श्लेष्म झिल्ली बहुत सूखी हो जाती है. पेट को छूने के लिए दर्द लग सकता है. प्रभावित व्यक्ति प्यास में वृद्धि करता है और मुंह और होंठ में सूखा महसूस करता है.

4. एल्युमिना

एल्युमिना कब्ज के लिए एक आदर्श होम्योपैथिक उपचार है, जिसमें आंत्र आंदोलन के लिए आग्रह की अनुपस्थिति है. इस दवा का उपयोग करने वाले लक्षण पूरी तरह से उन लक्षणों के विपरीत हैं. जहां नक्स वोमिका का उपयोग किया जाता है. प्रभावित व्यक्ति कई दिनों तक मल पास करने की इच्छा खो देता है और आंत में एक बड़ा संचय इकट्ठा होता है. आंत निष्क्रिय और आलसी हो जाते हैं. मल को बाहर लाने के लिए बहुत सारे प्रयास किए जाने हैं. शिशुओं में कब्ज के मामले में यह दवा आदर्श रूप से प्रयोग की जाती है.

5. नक्स वोमिका

यह एक आदर्श होम्योपैथिक दवा है, जो लगातार कब्ज और मल के पारित होने के लिए अप्रभावी आग्रह के मामले में ली जाती है. ऐसे मामलों में पारित मल की मात्रा काफी कम है और एक अधूरा निकासी महसूस अनुभव किया जाता है. यह आग्रह बढ़ता जा रहा है. इस दवा का उपयोग ढेर के इलाज के लिए भी किया जाता है, जो कभी-कभी कब्ज के साथ मिलकर विकसित होता है.

कब्ज कैसे दूर करे - कब्ज दूर करने के उपाय, दवा और इलाज इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। अगर आप ऐसे ही health tips और विविध बीमारियों के इलाज, घरेलू उपचार और जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो ProHealthBlog पर visit करते रहिए। 


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